machwara or rakhysh ki kahani

Read Time:3 Minute, 28 Second

एक गाओंमे एक मछुआरा रहताथा, वो आपना गुजारा करनेकेलिए नदीसे मछली पकड़ताथा और बाजार में उसको बेचदेताथा, और उस पैसो से उसकी घर भी चलजाति थी,

machwara or rakhysh कहानी की शुरुआत               

लेकिन एकबार मछवारे को कुछ ज्यादा पैसोंकी जरुरत पड़ी, इसलिए वो नदीसे ज्यादा मछली पकड़ने लगी, लेकिन अचानकसे उसकी जाल में कोई भी मछली नहीं फसी जिससे वो बहत दुखी होगई,
लेकिन वो हार नहीं मानी और बार बार कोसीस करती रही, ऐसेही तीन दिन गुजरगईथी, लेकिन उसकी हातमे एकभी मछली नहीं लगीथी,

फिर वो मछवारा अगलेदिन मछली पकड़ने केलिए निकलगई, और उसने नदी की किनारे में थोड़ा आगे जाके मछली पकडनेकी कोसिस करने लगी,
machwara or rakhysh ki kahani


फिर दोपहर होते होते उसकी जालमे कुछ बड़ा चीज फसी,जिससे वो बहत खुस होगई,

और आपनी जी जान लगाके उसको बाहर निकाला और देखा तो वो बहतबड़ा मटका था जिसकी ऊपर एक ढकन लगाहुआथा,

फिर वो मछवारा उसकी अन्दर क्या था देखने केलिए वो ढकन खोलदी,

जैसेही वो मछवारा मटके की उपरसे ढकन खोलदी अचानक उसके अंदर से एक बहत बड़ा राख्यस बाहर आगई, जो बहत दिनोसे उसके अन्दर कैद था, और उस राख्यस को देखके मछवारा भी बहत डरगया था,

फिर उस राख्यस बोलने लगी आज में तुमकोही आपनी पहला भोजन बनाउंगी, जिसबात पर मछवारे बहत डरगईथी लेकिन वो वहीँपे खड़ी रही,

popular kahani 

फिर जब राख्यस ने उसकी बड़े बड़े हातोंसे मछवारेको पकड़नेकी कोसिस की तब मछवारेने उसको रोकने केलिए इशारा करतेहुए बोला मेरे कुछ कामहे जिसको अगर तुम खत्म करलेतेहो तो तुम मुझे खासकतेहो,

फिर राख्यस उसकी बातपर राजी होगई और बोलने लगी मुझे जल्दीसे काम बताओ, फिर मछवारा उसको घर लाई और कामपे लगादी,

वो मछवारा उससे हर काम कराने लगी, लेकिन वो राख्यस चुट्कीवोमे हरकाम खत्म करलेतीथी,

जिसके बजेसे कुछदिनोंमे उसकी सारेकाम खत्म होनेकोथा, जिसके बजेसे वो मछवारा बहत चिन्तित था,

फिर अगले दिन वो मछवारा इस मसले की हल निकालने केलिए उसकी दोस्त की पास गई, फिर उसने दोस्तको सारे बात बताई और फिर उस मसले की हल पूछा,

फिर उसकी दोस्तने थोडासा हसते हुए बोला इतनीसी बात केलिए तुम परिसान हो?

फिर उसने उसकी सरसे एक लम्बा बाल निकाला और मछवारे की हातमे थमाते हुए बोला इस बालको राख्यस को देदेना और इसको सीधा करने केलिए बोल देनाहे,

फिर मछवारा उसको लेकर घर आगई और राख्यस को देकर निश्चिन्त होके जिन्दगी गुजारने लगा। read more,
0 0

About Post Author

msujata094@gmail.com

hi I am subrat Mishra, and I am a blogger and YouTuber, all-story.net is my best website,
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You Might Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *